Kaal Sarp Dosh Puja

कालसर्प दोष निवारण पूजा

जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच हों, तब का पारंपरिक उपाय।

अवधि
3 से 4 घंटे
शुल्क
₹4,100
पंडित
2 Pandit Ji
देवता
भगवान शिव, नाग देवता, राहु-केतु
उपयुक्त
कालसर्प योग वाली कुंडली, ज्योतिषी की सलाह के अनुसार
कालसर्प दोष निवारण पूजा: भगवान शिव, नाग देवता, राहु-केतु

कालसर्प दोष निवारण पूजा के बारे में

कहा जाता है कि जन्म कुंडली में जब सातों ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाएँ तब कालसर्प दोष बनता है। निवारण पूजा में भगवान शिव, नाग देवताओं और राहु-केतु की पूजा होती है और अंत में चाँदी का नाग-नागिन का जोड़ा अर्पित किया जाता है।

ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार यह योग करियर, विवाह, परिवार और स्वास्थ्य में बार-बार देरी या रुकावट ला सकता है। नाग पंचमी, अमावस्या और पंचमी इस उपाय के लिए प्रभावशाली दिन माने जाते हैं। त्र्यंबकेश्वर (नासिक के निकट) और उज्जैन इस पूजा के प्रसिद्ध स्थल हैं, और इसे घर पर भी किया जा सकता है। इस योग के महत्व पर ज्योतिषियों में मतभेद है, इसलिए यदि संदेह हो तो कृपया अपने ज्योतिषी से पुष्टि कर लें।

हरिद्वार सेवा सूची से: Special puja for relief from Kaal Sarp Dosh and life obstacles.

परिवार यह पूजा क्यों कराते हैं

  • कालसर्प योग से जुड़ी देरी और बाधाओं के लिए पारंपरिक उपाय
  • शिव, नाग देवता और राहु-केतु की एक साथ पूजा
  • घर पर या अपनी पसंद के तीर्थ पर किया जा सकता है
  • चाँदी के नाग-नागिन का अर्पण और शिव अभिषेक सम्मिलित

पूजा विधि, चरण दर चरण

  1. संकल्प और गणेश पूजा

    पूजा संकल्प और गणेश जी के पूजन से आरंभ होती है।

  2. कलश और नवग्रह पूजा

    कलश स्थापित किया जाता है और नौ ग्रहों का पूजन होता है।

  3. नाग पूजा

    चाँदी या ताँबे के नाग-नागिन जोड़े का दूध, फूल और मंत्रों से पूजन किया जाता है।

  4. राहु और केतु मंत्र जाप

    राहु और केतु के मंत्रों का तय संख्या में जाप होता है।

  5. हवन

    शांति और रक्षा के लिए आहुतियों के साथ हवन किया जाता है।

  6. शिव अभिषेक और विसर्जन

    शिव जी का अभिषेक होता है और नाग जोड़े को सलाह के अनुसार अर्पित या बहते जल में विसर्जित किया जाता है।

सामान्यतः आवश्यक सामग्री

आप कहें तो मैं पूरी किट ले आऊँगा। बुकिंग पक्की होने पर मैं सटीक सूची भेज दूँगा।

  • चाँदी या ताँबे का नाग-नागिन जोड़ा
  • काले तिल, उड़द की दाल और नीला या काला वस्त्र
  • दूध, शहद, दही और गंगाजल
  • बेलपत्र, सफेद फूल और चंदन
  • कलश, नारियल और आम के पत्ते
  • हवन सामग्री और समिधा
  • दूर्वा और कुश
  • धूप, कपूर और घी का दीपक
  • फल, मिठाई और दक्षिणा
  • पान और सुपारी

उत्तम समय और मुहूर्त

नाग पंचमी सबसे शुभ दिन है। पंचमी तिथि, अमावस्या और सोमवार या शनिवार भी चुने जाते हैं। पंडित जी राहुकाल से बचते हैं और आपकी कुंडली से मुहूर्त तय करते हैं।

बुकिंग पर आपको क्या मिलता है

  • अनुभवी वैदिक पंडित द्वारा पूरी पूजा
  • आप कहें तो पूजन सामग्री की किट
  • मुहूर्त का मार्गदर्शन
  • परिवार के लिए हर चरण की व्याख्या

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुझे कालसर्प दोष है या नहीं, कैसे पता चलेगा?

यह आपकी कुंडली से पता चलता है। अपनी जन्म तिथि, समय और स्थान मुझे WhatsApp पर भेजें, पंडित जी कुंडली देख लेंगे।

क्या यह त्र्यंबकेश्वर या उज्जैन में ही करनी होगी?

नहीं। कई परिवार उन मंदिरों को चुनते हैं, पर यही विधि घर पर भी हो सकती है।

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